“च” अक्षर से कुछ मुख्य शब्द, जिनका प्रयोग श्रीमद् भगवद् गीता हुआ है, वह इस प्रकार है ।

चंचल
चतुरता
चन्द्रमा
चपलता
चित्त
चेतना
चिन्तन
चेतनतत्त्व
चेष्टा

धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष

धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। यह चार पुरुषार्थ को करना ही मनुष्य जीवन का उदेश्य है। उद्देश्य इसलिये है क्योंकि इन चार पुरुषार्थ को करने से ही मनुष्य का कल्याण है। धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, का अर्थ क्या है? यह पुरुषार्थ करने से मनुष्य का कल्याण किस प्रकार है? धर्म धर्म का अर्थ है कर्तव्य। श्रीमद […]

Read More

अध्याय