अर्थ

सृष्टि एवं इस पृथ्वी पर जीवन निर्वाह के लिये जितने भी संसाधन है, उन सब को अर्थ कहा जाता है।

 

प्राकृतिक पदार्थ एवं इनसे निर्मित अन्य वस्तु प्रत्यक्ष अर्थ है। समाजिक व्यवस्था को चलाने के लिये धन अप्रत्यक्ष अर्थ है।

आज के युग में केवल धन या धन व्यवस्था को ही अर्थ माना जाता है, जो अर्ध सत्य है।

धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष

धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, मनुष्य जीवन के चार पुरुषार्थ है। यह चार पुरुषार्थ को करना ही मनुष्य जीवन का उदेश्य है। उद्देश्य इसलिये है क्योंकि इन चार पुरुषार्थ को करने से ही मनुष्य का कल्याण है। धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष, का अर्थ क्या है? यह पुरुषार्थ करने से मनुष्य का कल्याण किस प्रकार है? धर्म धर्म का अर्थ है कर्तव्य। श्रीमद […]

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अध्याय